बना के गीत / 23 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bana Ke Geet 23 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics
घोड़ी रा उर खुर राचणां जी, घोड़ी कहां से मंगाई।
घोड़ी म्हारे दादाजी रे देश, घोड़ी वहां से मंगाई।
घोड़ी म्हारा नानाजी रे देश, घोड़ी वहां से मंगाई।
चढ़ चढ़ ओ बन्ना लाड़ला, पाछै सब भाई।
घोड़ी रा उर खुर राचणां जी, घोड़ी कहां से मंगाई।
थारां ताऊजी री रा देश, घोड़ी वहां से मंगाई।
चढ़ चढ़ ओ बन्ना लाड़ला, पाछै सब भाई।
नोट- इसी प्रकार गीत आगे बढ़ाएं।
बना के गीत / 24 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bana Ke Geet 24 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics
बना के गीत / 25 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bana Ke Geet 25 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें