टूट्या के बाद बधावा / 2 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Tutya Ke Baad Badhawa 2 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

उठ सवागण ओ घर नीप, म्हार साल सरिसा ओबरा।
जी ओड जोड पगल्या ये मांड तो देखो जानेती आवता।
जी ओड जोड पगल्या ये मांड तो देखो बिंदराजा आवता।
आसी आसी कासबजीरा जोध सुरजजी घर ही पधारसी।
आसी आसी महादेवजीरा जोध गजानंदजी घर ही पधारसी।
जायोडा रा आनंद उछाव, आयो डारा रलीय बधावणोजी।
उठ बाई बेना भर मोतीडारा थाल, करोनी अजरावल बीर की जी।
नोट- इस प्रकार सभी जंवाई, मामाजी के नाम लें।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ