आरती / 2 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Aarti 2 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics
दो आना पाना ये म्हारो फूल कनेर को,
किस्तूरी परमल ये लेऊं घर आंगनो।
को को कार घलावो, ये सिंहासन बैसनो,
मोती चौक पुरावो ये सिंहासन बैसनो।
जा लाड़ा बैठावो ये भूवा बहना कर आरती।
भूवा बहना बड़ी बड़गोती रो आरतो।
सासू निरखै जवांठ ये पाछै टेली ओलिया,
वाकां कमर में कमर बन्द, ये सिर सोवेला सेवरो।
चतरु साला में देख ये म्हारी किसी कै सोहे लाड़ली
वाकै नैना काजल, ये सिर सोह लाल चून्दड़ी
भूवा बहना करै आरती।
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