अस हर नाम जगत भय हारी संत जूड़ीराम भजन / As Har Naam Jagat Bhay HariSant Judiram Bhajan

 

अस हर नाम जगत भय हारी।
पूरन धाम नाम जिन चीन्हों कलमल विपत विडारी।
है सतसंग रंग जब दरसे सतगुरु शबद विचारी।
पारस परस लोह भयो कंचन जुगन-जुगन सुकारी।
आनंद भवन दरिद्र विनासन वेद उक्त धुन धारी।
भक्त अखंड मुक्त यह डोलत सो प्रीतम की प्यारी।
जूड़ीराम नाम गति येसी कीजै हृदय अधारी।


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