हमेशा देर कर देता हूँ मुनीर नियाज़ी Hamesha Der Kar Detaa Huun Main Har Kaam Karne Men
हमेशा देर कर देता हूँ मैं हर काम करने में ज़रूरी बात कहनी हो कोई वा'दा निभाना हो उसे आवाज़ देनी हो उसे वापस बुलाना हो हमेशा देर कर देता हूँ मैं मदद करनी हो उस की यार की ढारस बंधाना हो बहुत देरीना रस्तों पर किसी से मिलने जाना हो हमेशा देर कर देता हूँ मैं बदलते मौसमों की सैर में दिल को लगाना हो किसी को याद रखना हो किसी को भूल जाना हो हमेशा देर कर देता हूँ मैं किसी को मौत से पहले किसी ग़म से बचाना हो हक़ीक़त और थी कुछ उस को जा के ये बताना हो हमेशा देर कर देता हूँ मैं हर काम करने में..... नज़्म संग्रह से कुछ और नज़्में कभी कभी साहिर लुधियानवी Kabhii Kabhii Kabhii Kabhii Mire Dil Men Sahir Ludhianvi Nazms ख़ूब-सूरत मोड़ साहिर लुधियानवी Chalo Ik Baar Phir Se Ajnabii Ban Jaaen Ham Donon दस्तूर हबीब जालिब Dastuur Diip Jis Kaa Mahallaat Hii Men Jale Habib Jalib Nazms ज़िंदगी से डरते हो नून मीम राशिद Zindagii Se Darte Ho Zindagii Se Darte Ho Nazms ताज-महल साहिर लुधियानवी Taaj Mahal Taaj Tere Liye Ik Mazhar Sahir Ludhianvi Nazms औरत कैफ़ी आज़मी Aurat Uth Mirii Jaan Mire Saath Hii Chal...